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पहले ‘लाइटर’ से ‘मन को हल्का करें’, फिर जिन्दगी में आगे बढ़ें, इंटरनेशनल बेस्ट सेलर यंग प्युब्लो के टिप्स

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Inspirational quotes about life: क्या आप अपने आपको फंसा हुआ महसूस करते हैं? क्या अतीत की यादें आपको जीने नहीं देतीं? या आपको लगता है कि आपके साथ जिन्दगी ने बहुत अन्याय किया है? क्या जीवन के भार आपको हर रोज तनाव में रखते हैं? आप खुद को गुस्से से भरा हुआ और बदले की आग में जलता हुआ पाते हैं? अगर मन ही मन में इनमें से ज्यादातर सवालों के जवाब आप हां में दे रहे हैं तो सबसे पहले तो यह समझ लीजिए कि आप इस सबसे बाहर निकल सकते हैं. लाइफस्टाइल के रिलेशनशिप सेगमेंट में हम अक्सर बात करते हैं दूसरों के साथ संबंधों को बेहतर करने की लेकिन सच तो यह है कि सबसे पहले हमें खुद के साथ संबंध बेहतर करने होते हैं तभी हम जीवन में सकारात्मक संबंधों का विकास कर पाते हैं. इसी दिशा में हाल ही में पेंगुइन स्वदेश की ओर से एक किताब बाजार में आई है जिसका नाम है लाइटर. यह किताब मशहूर लेखक डिएगो पेरेज़ द्वारा लिखित इंटरनेशनल बेस्ट सेलर किताब Lighter: Let Go of the Past, Connect with the Present, and Expand The Future का हिन्दी अनुवाद है. यह अनुवाद किया है प्रभात रंजन ने. दिल और दिमाग के जख्म और उनके दागों को पूरी तरह से मिटाकर या यूं कहें कि हील करके ही जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है. किताब में जिन बातों का जिक्र किया गया है, वे आपकी खुद के साथ हीलिंग की प्रक्रिया को बेहतर बनाएंगे. आइए इस किताब में हीलिंग को लेकर कही गईं कुछ मोटिवेशनल और प्रेरणादायक चीजों से हम भी प्रेरणा लें:

– यदि आप अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो आपको इस बात पर ध्यान देना होगा कि कौन-सी चीज़ आपको प्रभावित करती है, और बिना किसी शंका के आपके मन और शरीर के बीच सम्बन्ध स्थापित होना चाहिए. आप अपनी हीलिंग में जितने गहरे जाएंगे, आपके प्रयास आपकी आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने में उतने ही कारगर साबित होंगे और अच्छे परिणाम मिलने लगेंगे.

-हम अपनी समस्याओं को इस तरह देखते हैं कि जैसे इनका समाधान हमारे वश में नहीं है और यही हमारी सबसे मुख्य प्रवृत्ति है. अहंकार के वशीभूत हो हम अपना दोष भी किसी और पर मढ़ देते हैं.

– जीवन के उतार-चढ़ावों ने हमें बहुत गहरा प्रभावित किया है, हम इस दिशा में उन्मुख होते हैं कि बेहतर तरीके से किस तरह जिया जाए. यदि इसे पुराने ढर्रे पर रहने दिया जाए तो हमारा मन लगातार अपने आपको दोहराता रहेगा और उसी ढर्रे पर चलता रहेगा. हमारा मन सबसे अच्छी तरह से अपने को दोहराना जानता है, जो हमें एक तरह से संघर्ष की अवस्था में बनाए रखता है और जिसके कारण हम आंख मूंदकर व्यवहार करते हैं, विशेषकर जब कठिन क्षण आते हैं.

जब हम आत्म-अन्वेषण के लिए तैयार हो जाते हैं, तब हीलिंग की शुरुआत होती है जब हम अपने भीतर के विराट जंगल में प्रवेश करते है तब अपनी जागरूकता को रोशनी बनाकर हम मार्ग तलाश करते हैं. कई बार मुश्किलों से भरी यह यात्रा चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि इसमें निश्चित रूप से आपका सामना ऐसी छायाओं तथा अपने व्यक्तित्व के ऐसे रूप से होगा, जिसे हो सकता है कि आपके लिए पूरी तरह से स्वीकार कर पाना आसान है लेकिन यह एक ऐसी चुनौती है जिसके असाधारण नतीजे सामने आते हैं.

– जब आप अंतर्मन से ध्यान लगाते हैं तो गहराई से हीलिंग एवं भावनात्मक परिपक्वता की शुरुआत हो जाती है. अपने जीवन के उतार-चढ़ावों के दौरान, बिना उससे भागे या अपनी भावनाओं को दबाए बगैर जब आप अंत को देखने लगते हैं, तो इससे अपने आपको लेकर आपकी समझ बढ़ जाती है. आपकी भावनाएं जिस तरह से आती हैं उन्हें उसी तरह से महसूस कीजिए. अपने अतीत को समझिए और इस बात पर गौर कीजिए कि वह वर्तमान में किस तरह दिखाई देता है. आपका मन अलग-अलग तरह की परिस्थितियों में किस तरह से काम करता है उसके ऊपर ध्यान दीजिए. अपने जीवन में बार-बार होने वाले बर्तावों के ऊपर ध्यान दीजिए. अपने अंदरूनी जीवन का परीक्षण करिए और इस बात का भी कि आपका अपना चिंतन आपकी भावनाओं को किस तरह से प्रभावित करता है. इन सारी मानसिक गतिविधियों को गौर से देखने पर सीखने के वे द्वार खुल जाएँगे, जो आपका जीवन बदल देंगे. ध्यान रहे, मन के कोई भी गुण अपने-आप सक्रिय नहीं होते. इनको सायास रूप से सक्रिय करने की आवश्यकता होती है.

-जब आप तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय यथार्थ को देखने के लिए समय देते हैं तो यह इस बात का संकेत होता है कि आपकी हीलिंग हो रही है. अपने आपको देखने लगते हैं और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया के पहले इस बात पर अच्छी तरह से विचार करने लगते हैं कि क्या हो रहा है तो तब आप उस तरह से व्यवहार करते हैं जो आपके मकसद के अनुकूल और तरह आपको विश्वसनीय बनाने वाला होता है. जब आप उस संतुलन को हासिल कर लेते हैं, जब आप इस बात को लेकर ईमानदार रहते हैं कि आपको कैसा महसूस हो रहा है और तात्कालिक भावनाओं के आधार पर किसी भी की प्रतिक्रिया नहीं देते, तो आप अपने जीवन में अनायास आने वाले बदलावों को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं.

बता दें कि डिएगो पेरेज़ का लेखकीय नाम है यंग प्युब्लो. प्युबलो ने यह किताब हीलिंग की जरूरत और उसके प्रोसेस के इर्द गिर्द लिखी है. हिन्दी में इसका नाम है- लाइटर मन को हल्का कैसे करें, बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले.

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Tags: Hindi, Hindi Literature, Lifestyle, Motivational Story, Relationship


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